नकली बाराती बनकर पहुंच रहे है उतर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ मिथिला के लोग कबछुआ (खुजली वाला घास)एवं मखाना का पत्ता (कांटेदार पत्ता) से स्वागत की कर रहे है तैयारी : पूर्व विधायक रामाशीष यादव

न्यूज़ डेस्क पटना 
रंजीत मिश्रा, हरलाखी 
एक तरफ नेपाल के जनकपुर में योगी आदित्य नाथ के आने की तैयारी चल रही है वही दूसरी तरफ उनके राजनितिक प्रतिद्वंदी और नेपाल सीमा से सटे हरलाखी के पूर्व राजद विधायक रामाशीष यादव ने कहा की योगी जी नकली बाराती बनकर जनकपुर आ रहे है ! मिथिला की रीती रही है लोग पान माछ और मखाना से अतिथियों का स्वागत करते है लेकिन इस बार नकली बाराती का स्वागत कबछुआ (खुजली वाला घास)एवं मखाना का पत्ता (कांटेदार पत्ता) से किया जाए ! उन्होंने कहा है कि रामायण काल से मिथिला व अयोध्या के बीच  एक सामरिक संबंध है ! अयोध्या से बारात आदि काल से आ रही है, यह एक सामाजिक संबंध व समरसता का प्रतिक है। लेकिन योगी ने इसे भी राजनीति का हिस्सा बना दिया है ! उनका यह यात्रा चुनावी मौसम में है और यह समाज को बांटने का काम करेगी ! उन्होंने कहा कि रामायण की परिकल्पना हनुमान के बिना असम्भव है और माता सीता का जब रावण ने अपहरण कर लिया था तो सात समुन्दर पार कर माता जानकी का पता हनुमान ने ही लगाया था लेकिन योगी जी के द्वारा उनको महादलित बताकर उनका अपमान किया गया। इससे समूचे मिथला वाशियो के साथ साथ समस्त साधु समाज भी दुखी है। पूर्व विधायक ने कहा योगी जी अपने आप को एक धार्मिक संत मानते हैं वंही भगवान को भी जाति में बाँट कर महादलित बताकर अपमानित करते है। इसलिए मिथिला के लोग कबछुआ (खुजली वाला घास) एवं मखाना का पत्ता (कांटेदार पत्ता) से स्वागत करें, ताकि मिथिला का परंपरा उनको सदैव स्मरण रहे और कभी समाज को बांटने का काम नहीं पाएं ।

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