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ग्रामीणों के विरोध के बाद अतिक्रमण खाली कराने गई पुलिस को लौटना पड़ा वापस


सत्य नारायण सिंह : मधुबनी जिलांतर्गत खुटौना के सिहुला गांव में अतिक्रमण खाली कराने गई पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा. अतिक्रमणकारियों के आगे पुलिस की एक न चली और पुलिस कर्मी मुक दर्शक बने रहे. याचिकाकर्ता इंदू देवी के पक्ष में उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद भी मजिस्ट्रेट राम किशोर पंजियार के साथ आये बल के जवानों ने के सामने न्यायालय का आदेश टाई टाई फिस हो गई. अतिक्रमणकारी जमीन खाली नहीं करने की जिद पर अड़े हुए थे और प्रशासन मौन होकर सब कुछ देख रही थी. तकरीबन तीन दर्जन से अधिक फोर्स के सामने अतिक्रमणकारी सीना ठोक कर अंत तक डंटे रहे. लिहाजा प्रशासन को बिना कार्रवाई किये ही वापस लौटना पड़ा. 

आपको बता दें कि इससे पूर्व न्यायालय के निर्देश पर अतिक्रमित जगह के कुछ क्षेत्र को खाली कराया गया था. थाना क्षेत्र के सिहुला गांव में आम रास्ता को बल पूर्वक अतिक्रमण किये जाने के विरोध में खुटौना सीओ रामकिशोर पंजियार के द्वारा जिला से मागं किये गये पुलिस फोर्स ने अतिक्रमण को खाली कराया था. यहां बता दें कि यह मामला मान्य उच्च न्यायालय में 2010 से लंबित था जो 09 सितम्बर 2014 में ही इसे खाली करवाने का आदेश न्यायालय द्वारा पारित हो चुका था. आवेदिका इंदु देवी ने पटना उच्च न्यायालय एवं जिला पदाधिकारी ने सिहुला गांव के 81 नंबर सड़क का अतिक्रमण खाली करने का निर्देश SDO फुलपरास को दिया था. आनन फानन में पूर्ण अतिक्रमण मुक्त नहीं होने पर पूनः आवेदिका इंदू देवी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटायी जिस पर सीडब्लूजेसी संख्या 11212 के तहत सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इसे दुबारा 03 मार्च 2017 को पूर्ण अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश पारित किया था. जिसके बाद बुधवार को स्थानीय प्रशासन के द्वारा न्यायालय के आदेश के आलोक में अतिक्रमित भूमि को खाली कराने गए प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के विरोध के बाद बैरंग वापस लौटना पड़ा.

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