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भविष्य में जल संकट नहीं आये इसलिए आज जल संरक्षण की जरुरत है

न्यूज़ डेस्क पटना
एक तरफ एनआरसी और सीएए का आंदोलन का जोड़ है वही मधुबनी के कुछ युवा इन आंदोलन से पड़े जल संरक्षण के लिए पैदल मार्च कर रहे है ! युवाओं का सोच भविष्य में मौलिक तकलीफ को काम करना है क्योकि मधुबनी जैसे शहरों का भी जलस्तर काफी निचे चला गया है और गर्मी के दिनों में 70 से 80 प्रतिशत तक शहरी चापाकल सुख जाते है ! भविष्य में इस मौलिक समस्या को कम करने के लिए आज जल संरक्षण जरुरी है और इसी गंभीर मुद्दे को लेकर पैदल मार्च निकाला गया ! हालांकि यह मार्च अखबार की सुर्खिया तो नहीं बटोर पाता है परन्तु बाबजूद इन युवाओं के हौसले आज सड़को पर दिखाई दिया ! इस मार्च में सम्मलित शिक्षाविद अनु झा ने बताया मिथिला को नदियों और तालाबों का क्षेत्र कहा जाता है बाबजूद मिथिला में भी देश के अन्य क्षेत्रों की तरह गर्मियों में भारी जलसंकट की स्थिति उत्त्पन्न हो गयी है ! इस मार्च में आई आई टी एस के छात्रों के अलावा, पोलस्टार स्कूल के छात्र, मुकुंद आर्ट्स क्लासेज के छात्र, स्टेप टू सक्सेस क्लासेज के छात्र ,मिथिला स्टूडेंट्स यूनियन के सेनानी, प्रोफेशनल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रणधीर झा, उपाध्यक्ष कैलाश भारद्वाज, फेलो तल्हा हुसैन, प्रशांत झा, शिक्षाविद कुंदन कौशिक, अक़ील अहमद, शम्भू कुमार वर्मा, समाजसेवी विजय घनश्याम, आशीष बुबना, सरोज मिश्रा के साथ साथ शहर के सैकड़ो व्यक्ति सम्मलित हुए ।

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