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जीपीएस ट्रैकर में भी रास्ता नहीं मिला इस गांव का . क्या यहाँ भी गांव है ?

मुख्यमंत्री जी ज़रा इस गाँव को देख लीजिये ! दरअसल आज यानी पंद्रह दिसंबर को मुख्यमंत्री अपने समीक्षा यात्रा के क्रम में मधुबनी पहुंच रहे है ! वे जिले के धगजरी गाँव में सात निश्चय के द्धारा किये गए विकाश कार्यो का समीक्षा करेंगे ! लेकिन इन सभी विकाश से परे मधुबनी का यह क्षेत्र आज भी बुनियादी विकाश को तलाश रहा है ! इन पंचायत में जाने के लिए सड़क ढूंढने से भी नहीं मिलता है ! विश्वास नहीं है तो जीपीएस से ट्रैक कर देख लीजिये !

रास्ता ढूंढते रह जाओगे 
यह मधुबनी का बिस्फी प्रखंड है ! लोग इस प्रखंड को विद्यापति का जन्म स्थली के नाम से भी जानते है ! इस प्रखंड के रघौली ,सिंघिया पूर्वी ,सिंघिया पश्चमि ,सदुल्हपुर पंचायत के दर्जनों गांव में जाने के लिए रास्ता ढूँढ़ने से भी नहीँ मिलता है ! बिस्फी के पूर्व मुखिया ने बताया की की नितीश कुमार विकाश यात्रा करते रहते है लेकिन यह विकाश नहीं विनाश यात्रा है ! इस क्षेत्र के विधायक सांसद कभी भी यहाँ नहीं आते है ! इन पंचायतों में सड़क विजली जैसे बुनियादी साधन का घोर अभाव है ! स्थानीय समाजसेवी ने बताया की यदि हमलोगों को मधुबनी सदर अस्पताल जाना पड़ता है तो रात स्टेसनो पर गुजरना पड़ता है और दूसरे रोज लौटते है ! प्रखंड और थाना पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है !

सड़क बनना सुरु तो हुआ लेकिन बना नहीं 
ऐसा नहीं है की इस पंचायत में कभी सड़क नहीं बना !दरअसल इन पंचायतो में पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर का प्रधानमन्त्री सड़क निर्माण का कार्य सुरु भी हुआ लेकिन कभी पूरा नहीं हुआ ! हां अब उस सड़क का अवशेष जरूर नजर आता है ,कही मिट्टी का टीला के रूप में तो कही बिच नदी में खड़ी खंडहर पुल रूप में सड़क होने का अहसास दिलाता है ! स्थानीय लोग जान हथेली पर लेकर खेतों और इन सड़को पर यदा कदा मोटरसाइकल लेकर चलते हुए भी नजर आते है ! स्थानीय समाजसेवी ने बताया हमने कई बार इस सड़क को बनाने के लिए अनसन भी किया लेकिन सरकार का कुम्भकरणी नींद नहीं टूटा ! यह सड़क 2008 में बनना सुरु हुआ था जिसे 2011 में पूरा होना था लेकिन थोड़ा बहुत मिट्टी का काम हुआ और काम बंद हो गया ! लोगो को सड़क के नहीं होने से काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है ! कई बार गर्ववती महिलाओं का प्रसव रास्ते में हो जाता है !

विकाश की तालाश में या गाँव 
मुख्यमंत्री जी हर घर जल नल और बुनियादी सुविधा पहुंचाने का भले ही दावा कर ले लेकिन इस चार पंचायत के दर्जनों गाँव में पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है ! चार पहिया वाहन तो छोड़िये दो पहिया वाहन भी बमुश्किल से पहुँचता है ! ऐसे में सरकार के दावे में कितना दम है इस बात का अंदाजा आप सहजता से लगा सकते है !

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