असली किसान कब तक चुरा गुड़ पर जिंदा रहेंगे ?


एक तरफ बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री विनोदनरायण झा का कहना है पिछले सात वर्षो से सुखाड़ है वही दूसरे तरफ बिहार सरकार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने मधुबनी मीडिया से बातचीत करते हुए की बिहार के 810453 हेक्टेयर जमीन में फसल का छती हुआ है ! उन्होंने बताया की 1093.36 करोड़ फसल छती के मुआबजे का अनुमान है ! 667297 हेक्टेयर सिंचित 46675 हेक्टेयर असिंचित एवं 67840 हेक्टेयर में गन्ना की फसल को छति हुआ है ! उन्होंने बताया की 13500 प्रति हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र के लिए 6800 प्रति हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र के लिए एवं 18000 प्रति हेक्टेयर वार्षिक फल के पेड़ो को नुकसान के लिए मुआबजा तय किया गया है ! उन्होंने बताया हमने बाढ़ से छती का आंकलन किया है जिससे पता चला है फसल की भारी पैमाने पर छती हुई है और सरकार किसानों के छति का हरसंभव भरपाई करने को तैयार है ! उन्होंने बताया चुकी फसल बर्बाद हो चुका है इसलिए खाली पड़े खेतों में बैकल्पिक खेती के लिए भी हमने प्लान तैयार किया है ! प्रेम कुमार ने बताया हमने किसानो के लिए हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है !लोग 0612-2217103 या 18001801551 पर फोन कर जानकारी प्राप्त कर सकते है ! हमने जब असली किसान जो 70%प्रतिसत खेती करते है यानी बटाईदार के मुआबजे के संबंध में प्रश्न पूछा तो उन्होंने बताया की यह दुसरा जिला है जहा इस तरह के प्रश्न उठे है ! हम इस पर बिचार कर रहे है और जल्द ही इस संबंध में भी कोई कार्य योजना तैयार कर लिया जाएगा ! हमने जब उनसे प्रश्न पुछा एक फसल का तीन प्रकार से लाभ किसानों को क्यों दिया जाता है और यदि नहीं दिया जाता है तो उसे रोकने के लिए आपके पास क्या उपाय है ? ये तीन लाभ है पहला बीमा के द्वारा दुसरा सहकारिता समिति के द्वारा तीसरा सरकार के द्वारा फसल छती में मिलने वाला मुआबजा है ! हालांकि मंत्रीजी के पास इस प्रश्न का उतर मौजूद नहीं था इसलिए जवाव को घुमा दिया !लेकिन सवाल बड़ा है जमींदार KCC लोन माफ़ी फसल छती मुआबजा प्रदानमंत्री बीमा योजना क्लेम और सहकारिता बैंक का लोन माफी का लाभ एकसाथ लेंगे लेकिन बटाईदार को सरकार का चुरा गुड़ से ही कब तक संतोष करना पडेगा ?

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