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सुर्ख रंगो के लिए पहचान बना चूका जिला आजकल गंदगी में जीने को मजबूर है :मधुबनी

 
मधुबनी पेंटिंग के लिए पहचान बना चूका मधुबनी का एक और पहचान है और वह है गंदगी ! मधुबनी को इस पहचान दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया है भारतीय रेल एवं मधुबनी नगर परिषद् ने ! भारतीय रेल के गंदगी को ढकने के लिए तो मधुबनी पेंटिंग के कलाकार ने तो दिन रात एक कर मधुबनी स्टेशन को खूबसूरत कर दिया है परन्तु मधुबनी नगर परिषद के सूरत को आखिर कौन बदलेगा यह सवाल लोगों को सताये जा रही है ! छठ को लेकर हर तरफ साफ़ सफाई हो रहा है वही मधुबनी नगर परिषद विवाह भवन के शौचालय का पानी तालाब एवं सड़क पर बहाया जाता है ! यह आलम तब है जब बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक और जिले के डीएम से लेकर एस०पी० तक सब सुबह से ही घाटों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था देखने को निकल पड़ते है ! पर मधुबनी यह विभाग को ना सफाई से मतलब है और ना ही छठ की सुरक्षा से !     
                                                                                             
नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने तालाब का साफ़ सफाई और सुरक्षा का इंतजाम देखने के लिए जब मधुबनी के डीएम एवं एस०पी० पहुंचे तो नजारा देखकर अचंभित रह गए ! नदी के चारो और गंदगी के अलावे अभी तक पानी के अंदर बैरिकेटिंग का भी कोई व्यवस्था नहीं मौजूद था साथ ही विवाह भवन के शौचालय का पानी सड़क पर एवं तालाब में जा रहा था !स्थानीय व्यक्ति ने बताया की यह विवाह भवन के शौचालय का गंदा पानी रास्ते एवं तालाब में घुस रहा है ! इस गंदगी में हम छठ कैसे मनाएंगे ! वही मधुबनी जिला पदाधिकारी ने बताया की हम अभी आपके द्धारा ध्यान आकृष्ट करने पर यह गंदगी देखा है ! तत्काल इस गंदे पानी को रोकने का निर्देश दिए है एवं इस समस्या का स्थाई निदान के लिए भी आदेश दिया गया है !    
   
 
गंगासागर तालाब पर सबसे अधिक लोग छठ पूजा के लिए पहुंचते है ! तक़रीबन पच्चीस से तीस हजार तक लोग यहाँ छठ मनाने पहुंचते है ! हालांकि स्थानीय समिति के द्धारा साफ़ सफाई का कुछ हद तक व्यवस्था किया गया है ! परन्तु बस स्टेण्ड की गंदगी एवं सूअर का बिचरना स्वक्षता के लिए सवाल खड़ा करता हुआ दिखाई दे रहा है ! साथ ही यहाँ पर नगर परिषद ने सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किये है !कार्यपालक अभियंता को मधुबनी पुलिस अधीक्षक ने पानी के अंदर बैरिकेटिंग करने का निर्देश जरूर दिया लेकिन दो दिनों में मधुबनी शहर के एक दर्जन तालाब में बैरिकेटिंग करना नामुमकिन सा दिख रहा है !                                                                                          
गंदगी के लिए पहचान बना चुका मधुबनी नगर परिषद के लिए छठ भी कोई मायने नहीं है ! मधुबनी जिला पदाधिकारी के आदेश के बाबजूद कार्यपालक पदाधिकारी कभी साफ सफाई पर ध्यान नहीं देते है ! अब देखना है जब मधुबनी डीएम एस०पी ० जब स्वयं साफ सफाई का जायजा ले रहे है और कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दे रहे है तो ये उन आदेश का कब तक पालन करते है ! 

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