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यकीन कीजिये... यह सौराठ सभा की तस्वीर 19वीं सदी की नहीं बल्कि 21वीं सदी की है


मधुबनी : विश्व प्रसिद्द सौराठ सभा का इस वर्ष के सभा वास की शुरुआत 25 जून से हो चुकी है, विगत वर्षों की भांति इस बार सौराठ सभा की रौनकता अपेक्षाकृत बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. सौराठ सभा वास की शुरुआत 25 जून को हुई है, बीते तीन दिनों में जिस तरह से लोगों ने सौराठ सभा को लेकर दिलचस्पी दिखाई है वह सौराठ सभा के लिए सुखद संकेत दे रही है. 
25 जून को भव्यता के साथ संपन्न हुई उद्घाटन सभा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. आयोजक समिति के अनुसार इस वर्ष उद्घाटन के दिन लोगों की उपस्थिति पिछले कुछ वर्षों से अधिक थी. लेकिन इसके बाद भी सभी लोक आशंकित थे की क्या यह भीड़ सौराठ सभा वास के आने वाले दिनों में भी बनी रहती है की नहीं. लेकिन सभा वास के उद्घाटन के अगले दिन सभा गाछी में जुटे लोगों को जानकी सेना के मृत्युंजय झा के नेतृत्व में चुरा-दही के भोज के आयोजन उसके बाद 27 तारीख़ को वृक्षारोपन कार्यक्रम सहित लगातार छोटे-छोटे कार्यक्रमों का आयोजन कर आयोजन समिति इस बार लोगों को सभा गाछी पंहुचने पर विवश कर रही है. सभा वास के उद्घाटन के दिन से ही वरागतों व कन्यापक्ष के लोगों का आना शुरू है. 25 जून को उद्घाटन के दिन भी कई वरागतों का आना हुआ था. साथ ही लगभग 2 दर्जन से अधिक सिद्धांतों का पंजीयन हुआ था. वहीं 26 व 27 तारीख को भी वरागत व कन्या पक्ष के लोगों का सभा गाछी आने की संख्या में अपेक्षाकृत हर दिन बढ़ रहा है. 



आज 28 तारीख बुधवार को सभा गाछी में मिथिला ब्राह्मण महासभा के तत्वाधान में प्रदेश अध्यक्ष बिष्णुकांत झा के नेतृत्व में सभा गाछी में उपस्थित लोगों को पाग सम्मान के तहत पाग पहनाकर सम्मानित किया. 



वहीं आज का दिन सौराठ सभा के लिए स्वर्णिम दिन रहा. मिली जानकारी के अनुसार आज कुल 4 वरागतों का आना हुआ. जिसमें दो वरागत पूर्ण रूप से पारंपरिक परिधान धारण किये हुए थे. इसके साथ ही आज इस वर्ष के सभा वास का पहला विवाह तय हुआ, जो की आदर्श विवाह होगा. जिसमें कन्या पक्ष जितवारपुर गांव के लिलाकांत झा की पुत्री ख़ुशी झा हैं. वहीं वरागत पक्ष बेलाही (कलुआही) गांव के विजय कान्त झा के पुत्र घनश्याम झा हैं.

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सौराठ सभा सञ्चालन समिति के अध्यक्ष प्रफुल्ल चन्द्र झा, संयोजक मनोज मिश्रा, सचिव आशीष कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार झा चुन्नू, कार्यालय प्रभारी दिवाकर झा, रतन कुमार झा, संजय झा, आनंद झा, पंजीकार विश्वमोहन झा, प्रमोद मिश्र, विनोद झा सहित सभी स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने मधुबनी मीडिया से बातचीत करते हुए आज के हुए तय विवाह और लोगों की बढ़ती भीड़ पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा की लोगों से आग्रह है की इस सभा वास को तीर्थ मानकर एक बार यहां जरुर आयें. इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए हम सभी मैथिलों का हर तरह से सहयोग अपेक्षित है. साथ ही उन्होंने सभी लोगों को सौराठ सभा में आने की अपील करते हुए कल 29 जून को सौराठ सभा गाछी में होने वाले शास्त्रार्थ में देखने के लिए आमंत्रित किया है. शास्त्रार्थ में संस्कृत के मूर्ध्यन्य प्रकांड विद्वान सब दूर-दूर से भाग लेने सौराठ पंहुच रहे है.   


इस रिपोर्ट में 19वीं सदी में आयोजित सौराठ सभा की तस्वीरें व आज सभा गाछी में जुटी भीड़ की कुछ तस्वीरें सलंग्न है. साथ ही 25 तारीख सभा वास के दिन से लेकर अभी तक सौराठ सभा में हुए और आगामी दिनों में होने वाले संभावित गतिविधियां आने वाले दिनों व सालों में विश्व प्रसिद्द ऐतिहासिक सौराठ सभा गाछी अपनी खोयी हुई रौनकता के साथ पुनः 21 वीं सदी में लौट आने का संकेत दे रही हैं.

रिपोर्ट : बीजे बिकास

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