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सही मायने में बिहार ने एक और इतिहासिक कदम बढ़ाया है


न्यूज़ डेस्क पटना 
दहेज बाल विवाह जैसी कुरीति का विरोध कर सही मायने मे बिहार इतिहास रचने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है ! हालांकि इस इतिहासिक कदम में कई रोड़े, कई अर्चने दिखी लेकिन अधिकारियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और इस कार्यक्रम को असफल होने से रोक दिया ! मानव शृंखला तो समाजिक बुराई को मिटाने के लिये हुआ था लेकिन इसपर खूब राजनीति हुई सफलता से अधिक लोग बिफलता कि कामना किये, राजनीतिज्ञ का मानसिकता सिर्फ और सिर्फ राजनीति पर अटक कर रह गया ! लेकिन बिहार कि जनता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया यह क्रांतिकारी कि धरती है और बिहारी समाजिक परिवेश का महान योद्धा है ! पता नहीं क्यों लोगों को लग रहा था यह नीतीश कुमार की लड़ाई है ,नेताओ को लग रहा था इस कार्यक्रम की सफलता के बाद नीतीश कुमार इतिहास के पन्नो में अमर हो जाएंगे इसलिए इसकी असफलता के लिए सारे हथकंडे अपना लिए लेकिन वे यह भूल गए की दहेज़ की बली, जाती और सम्प्रदाय के आधार पर नहीं होता है ! दहेज़ की अर्थी सिर्फ हिन्दू या मुस्लिम के चौखट से नहीं उठती है ! दहेज़ हत्या या दहेज़ के मामले पर एक नजर दौड़ाइए हर घर में कही ना कही मिल जाएंगे ! कभी मातृ मृत्व दर उठा कर देखिये और उन मर चुकी माँ के शादी का सही उम्र का पता कीजियेगा यकीन मानिये आपका अवधारणा बदल जाएगा ! और इसी अवधारणा को बदलने की दिशा में यह एक सफल कदम उठाया गया ! इसे सफल करने में सूबे के सभी पदाधिकारियों ने पूरा ताकत झोंक दिया और इस कदम से यदि एक बेटी का भी हत्या रुक जाता है तो मैं समझूंगा यह श्रृंखला सफल रहा ! इस श्रृंखला से एक भी बाल विवाह रुक जाएगा तो मैं समझूंगा यह श्रृंखला सफल रहा ! यदि इस कदम से एक विवाह भी बिना दहेज का हो गया तो यह अभियान सफल माना जायेगा !और आप यकीन कीजिये नितीश कुमार के इस अभियान के शुरुआत होने के बाद कई लोगों ने madhubanimedia.com को बाल विवाह रोकने के लिए कई मेसेज किये है और यह बदलाव कहा जाएगा !

हालांकि यह मानव शृंखला मे जदयू कार्यकर्ताओं कि कमी दिखी और यह अंतरद्वंद्व के रुप मे देखा जा सकता है .और जदयू के कार्यकर्ताओं के उत्साह मे कमी के कारन ही शहरों में शृंखला दो तीन कतार बनने वजाय एक कतार मे सिमट कर रह गया ! 

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