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मोटरसाइकर पर आदमी ही नहीं शव भी ले जाया जाता है


न्यूज डेस्क पटना
सरकार चाहे लाख दावा कर ले लेकिन आजादी के साठ वर्ष बाद भी लोगो को स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से हर रोज जूझना पड़ता है ! कभी इलाज के अभाव में मौत तो कभी मौत होने पर शव को ले जाने की परेशानी ! पीड़ित परिवार कभी वाहन के छत पर शव को ले जाते है तो कभी मोटरसाइकल पर ही शव लेकर जाना पड़ता है ! मानवता को शर्मसार करने वाली घटना मधुबनी के खुटौना अस्पताल में सामने आया जहां एक बुजुर्ग के मौत के बाद परिजन को शव वाहन मुहैया नहीं कराया गया और मजबूरन बृद्ध के शव को मोटरसाइकल पर ले जाया गया ! दरअसल हतियाही बिरौल गांव के रहने वाले अस्सी वर्षीय बृद्ध घुरन पासवान का इलाज के दौरान खुटौना पिएचसी में मौत हो गया ! मृत बृद्ध के परिजन के पास इतने पैसे नहीं थे की वे लोग शव को निजी वाहन से घर ले जाते ! जिसके बाद मजबूर परिजन बृद्ध के शव को मोटरसाइकल से घर ले गए ! बृद्ध के शव को जिस वक्त ले जाया जा रहा था अस्पताल प्रभारी पी के राय भी अस्पताल में ही मौजूद थे लेकिन उन्होंने एम्बुलेंस नहीं होने का रोना रोते हुए अपना पल्ला झार लिया !

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