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बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर हुई बैठक


नीरज कुमार सिंह,पिंटू 
मधेपुर-प्रखंड कार्यालय परिसर के टीपीसी भवन में सोमवार को संभावित बाढ़ 2018 की पूर्व तैयारी को लेकर आपदा प्रबंधन की बैठक झंझारपुर के अनुमंडल पदाधिकारी विमल कुमार मंडल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में एसडीओ ने जहां संभावित बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर विस्तृत समीक्षा की। वहीं बैठक में शामिल विभिन्न पंचायत के प्रतिनिधियों से बाढ़ पूर्व तैयारी से संबंधित सुझाव लिया गया। बैठक में प्रखंड प्रमुख लक्षमी देवी, मुखिया मो. आरीफ, मुखिया महासंघ के प्रखंड अध्यक्ष दिवाकर प्रसाद यादव, मुखिया सुभाष झा, अंजय कुमार सिंह, नागेश्वर प्रसाद सल्हैता, उप प्रमुख रामबाबू यादव , चंन्द्रशेखर महतों, दधिची मिश्र सहित अन्य सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को दिये अपने सुझाव में कहा कि मधेपुर प्रखंड काफी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। बाढ़ के दौरान लोगों का आवगमन की सुविधा अवरू़द्व हो जाती है। इसके लिए र्प्याप्त संख्या में नाव की व्यवस्था सुनिशिचित कि जानी चाहिये।  बाढ़ के दौरान सर्पदंश की घटना अधिक होती है। तथा सर्पदंश से पीड़ीत मरीजों के आवागमन की असुविधा के कारण अस्पताल पहुचाना असंभव रहता है इस स्थित में कई लोगों की मौत हो जाती है उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सर्पदंश सहित सभी आवश्यक दवाओं के साथ मेडिकल टीम को क्षेत्र में कैंम्प कराने का सुझाव दिया। जद यू प्रखंड अध्यक्ष जीवछ झा ने बाढ़ पूर्व 10 मोटरवोट, 20 हजार पॉलीथिन सीट, 150 नाव, चुड़ा, गुड़, दियासलाई, मोमबत्ती आदि का भंडारण किये जाने का सुझाव दिया। साथ ही आवागमन की सुविधा का ख्याल रखते हुए कोसी दियारा क्षेत्र जो बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित होता है वहाँ शरण स्थली बनबाने का सुझाव दिया। बैठक में शामिल पंचायत प्रतिनिधियों ने एक सुर में आवाज उठाते हुए कहा कि हमसब आज संभावित बाढ़ 2018 की पूर्व तैयारी को लेकर बैठक कर रहे हैं पर पिछले बर्ष आयी भीषण बाढ़ में विभिन्न पंचायतों में बाढ़ से विस्थापित सैकड़ों परिवार बाढ़ राहत राशि, गृह क्षति राशि से वंचित है इतना ही नहीं अधिकांश किसानों को फसल क्षति की राशि भी अबतक नहीं मिली है। जिस कारण पंचायत प्रतिनिधियों को फजीहत का सामना करना पड़ता है। आए दिन प्रखंड कार्यालय और अंचल कार्यालय पर बाढ़ पीड़ितों और खासकर किसानों की लंबी कतार देखने को मिलता रहता है। जिलापदधिकारी श्रीषत कपिल अशोक  जनवरी माह में जब प्रखंड मुख्यालय का दौरा किए थे उस वक्त अंचलाधिकारी अशोक कुमार सिंहा ने बताया था कि 30 जनवरी तक प्रखंड के सभी बाढ़ पीड़ितों को मुआबजा की राशि बांट दिया जाएगा पर अबतक सैकड़ों किसान फसल छति मुआबजा से बातचीत हैं, और सैकड़ों बाढ़ पीड़ित बाढ़ राहत प्रोत्साहन राशि से बातचीत हैं। सभी प्रतिनिधियों ने अबिलंब यह सभी राशि लाभुकों के खाते में हस्तातरण किये जाने की मांग की। बैठक में एसडीओ ने बीडीओ तेज प्रताप त्यागी एवं अंचल अधिकारी को अबिलंब इस समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। एसडीओ ने सीओ से क्षेत्र में चल रहे नावों के बावत जानकारी ली। तथा क्षेत्र के सभी 80 नावों का भौतिक सत्यापन कर क्षतिग्रस्त नावों को एक सप्ताह के अंदर मरम्ति कराने का निर्देश दिया। उन्होनें संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी पंचायतों में शरण स्थली बनाने, मेडिकल टीम का गठन करवाने, सामानों की आपूर्ति के लिए दुकानों की पहचान करने का निर्देश सीओ को दिया। एसडीओ ने एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर सीपी सिंह एवं एसआई मुरारी प्रसाद चौरसिया से भी राहत व बचाव की तैयारी से संबंधित जानकारी व सुझाव लिया। सीपी सिंह ने कहा कि राहत व बचाव के लिए उनके पास 60 लाईफ जैकेट नाव के साथ अन्य रेस्कूय उपकरण है। बैठक में बीडीओ तेज प्रताप त्यागी, सीओ ए के सिंह,डा. अफजल अहमद, सीपीसिंह, एम के चौरसिया, सीडीपीओ बविता कुमारी, प्रखंड प्रमुख लक्षमी देवी उप प्रमुख रामबाबू यादव, दिवाकर प्रसाद यादव, सुभाष झा, मो. आरीफ, चंन्द्रशेखर महतों, अंजय सिंह, नोगेशवर प्रसाद सल्हैता, जद यू प्रखंड अध्यक्ष जीवछ झा, वंन्दे लाल यादव,पूर्व मुखिया लालेश्वर प्रसाद सिंह सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि,राजस्व कर्मचारी शामिल थे।

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