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दो नर्सिंग होम पर लगे पचास पचास हजार का जुर्माना


नीरज सिंह पिन्टू,..झंझारपुर,मधेपुर
मधुबनी के सिविल सर्जन ने मधेपुर  में बिना निबंधन के चल रहे दो निजी नर्सिंग होम पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया साथ ही नर्सिंग होम मे अनियमितता पाये जाने को लेकर उनके संचालक से कारणपृक्षा  की मांग की है। सिविल सर्जन ने मधेपुर के संघत चौक स्थित आस्था हेल्थ केयर नर्सिंंग होम एवं मधेपुर न्यू बस स्टैंड स्थित आनंन्द हांस्पीटल पर अर्थदंड लगाया है तो वहीं संघत चौक स्थित श्यामा क्लिनिक एवं आयूष नर्सिंग होम के संचालक से दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है। सिविल सर्जन ने यह कारवाई झंझारपुर अनुमंडल पदाधिकारी बिमल कुमार मंडल एवं अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक केo केo पीo महथा के द्वारा दिए गए संयूक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर की है। सीएस ने इस आशय का पत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉo डीo चौधरी मधेपुर को भेजकर इन चारों नर्सिंग होम के संचालकों को पत्र का तामिला कराने का निर्देश दिया है। साथ ही पत्र का तामिला नहीं करने वाले नर्सिंंग होम के संचालक पर स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश भी दिया है। दिए गए पत्र में सीएस ने कहा है कि झंझारपुर के एसडीओ एवं अनमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक के द्वारा 23 दिसंबर 2017 को संयूक्त रूप से इन चारों नर्सिग होम की जांच की गयी। जिसमें कई प्रकार की अनियमितता उजागर हुई। पत्र में सीएस ने कहा है कि अधिकारियों के द्वारा की गयी जांच में आस्था हेल्थ केयर बिना निबंधन का पाया गया। जांच के समय किसी भी नर्सिंग होम पर कोई एमबीबीएस चिकित्सक, नर्स, एएनएम , कम्पांउडर या पारा मेडिकल स्टाफ उपस्थित नहीं था। निरीक्षण-कर्ता को ओपीडी रजिस्टर अतःकक्ष रजिस्टर एवं प्रसव से संबंधित कोई रजिस्टर नहीं दिखाया गया। जबकि बिना सर्जन के एक मरीज का एलएचसीएस का आंपरेशन किया गया पाया गया ! सीएस ने कहा है कि बिहार नैदानिक स्थापन के अन्तर्गत  बिना निबंधन के कोई नैदानिक स्थापन चलाता है तो उसे प्रथम अतिलंघन का दोषी मानते हुए 50 हजार रूपया दंड का प्रावधान है। हद तो ये है कि जैसे ही जांच टीम के द्वारा कार्यवाही कर दंड लगाया जाता है ठीक उसके कुछ दिन बाद ही उसी नर्सिंग होम का नाम बदल कर उसी छत के नीचे फिर से नया नर्सिंग होम खुल जाता है और लोगों के स्वस्थ्य से खिलवाड़ सुरु हो जाता है।इस सम्बंध में मधुनबी सिविल सर्जन से पूछने पर उन्होने बताया कि सरकार का प्रावधान है कि नर्सिंग होम का निबंधन जो भी करवाना चाहते हैं तो उसका निबंधन कर दिया जाता है। अगर किसी के द्वारा इस पर आपत्ति जताई जाती है तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

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