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भगवान भरोसे टिका है मधेपुर का स्वास्थ्य व्यवस्था, कम्पाउंडर करते है ऑपरेशन


न्यूज़ डेस्क पटना 
मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड को अब भगवान ही बचा सकता है ! बड़े अधिकारियों का आदेश प्रखंड स्तरीय अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है स्वास्थ्य के सबसे बड़े फर्जीवाड़े में शामिल इस प्रखंड की आवादी साढ़े तीन लाख के आसपास है ! छब्बीस पंचायतों के इस प्रखंड में आठ पंचायत कोशी के पेट में बसते है ! जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर की दुरी पर अवस्थित यह प्रखंड कोशी के पेट में बसे लोगों का लाइफ लाइन है ! बुनियादी जरूरतों के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए लोग इस प्रखंड पर निर्भर है खासकर प्रसव के लिए लम्बी दुरी तय करना मुमकिन नहीं है ऐसे में सौ प्रतिशत लोग यहाँ के स्थानीय निजी नर्सिंग होम में ही प्रसव कराते है ! यहाँ के करीब एक दर्जन निजी नर्सिंग होम कमोबेस कम्पाउंडर या फर्जी डॉक्टरों के भरोसे चलता है ! ऐसा नहीं है की इन नर्सिंग होम का कभी कम्प्लेन नहीं हुआ है, कम्प्लेन भी हुआ, जांच भी हुआ, और कारवाई का आदेश भी हुआ, लेकिन प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की वजह से स्वास्थ्य माफियाओं का कारोबार दिनों दिन फल फूल रहा है ! ज्यादा दवाव या ज्यादा फाइन होने पर नर्सिंग होम मालिकों के द्धारा नये नाम से रजिस्ट्रेशन करा लिया जाता है, एवं जगह बदल कर नया नर्सिंग होम खोल दिया जाता है ! 


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संरक्षण में यहाँ के स्थानीय पीएचसी प्रभारी अंचल प्रखंड के अधिकारी एवं थाना का सहमति प्राप्त रहता है ! ताजा कुछ मामले को देखे तो शक और गहरा हो जाता है ! मधेपुर पीएचसी के निकट एक नर्सिंगहोम चल रहा है जिसका नाम है निदान सेवा आश्रम ! इस नर्सिंग होम का जिला सिविल सर्जन डॉ अमरनाथ झा ने जांच किया तो पाया की यहाँ डॉक्टर है ही नहीं सिर्फ कम्पाउंडर के भरोसे नर्सिंग होम चलाया जा रहा है ! सिविल सर्जन ने नर्सिंग होम पर पचास हजार का जुर्माना लगाते हुए अविलम्ब शील करने का आदेश दिया लेकिन ताज्जुब इस बात का है यहाँ आज भी महिलाओं का ऑपरेशन हो रहा है और यदि किसी पत्रकार ने यहाँ जाने की हिम्मत दिखाई तो एफआईआर के लिए आबेदन दिया जाता है ! हालांकि थाना प्रभारी समझदार निकले और उस फर्जी नर्सिंग होम के सचालिका का आबेदन नहीं लिया वर्ना मामले का कुछ और परत खुल जाता ! ऐसा ही एक मामला है फर्जी डॉक्टर का जिसने फर्जी सर्टिफिकेट के बदौलत करोड़ो की कमाई किया और बिना जेल गए बेल ले लिया ! नाम बीएस झा है जिसने फर्जी यूनानी चिकित्सक का सर्टिफिकेट के बदौलत अपना कारोबार फैलाया हुआ है ! ये आदमी दो जगह क्लिनिक चलाते है और खुद ही ऑपरेशन करते है ! इनके विरुद्ध एफआईआर के लिए सिविल सर्जन को दो बार रिमाइंडर भेजना पड़ा जिसके बाद एफआईआर तो दर्ज हुआ लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई ! पुलिस के सहयोग से महीने भर के भीतर डायरी जमा हो गया और आरोपी को जमानत मिल गया ! अधिकारियों ने नर्सिंग होम को शील करने का आदेश दिया हुआ है लेकिन इन आदेशों को दरकिनार करते हुए यह नर्सिंग होम आज भी बदस्तूर जारी है ! कमोबेस यहाँ के दर्जन भर नर्सिंग होम का यही हाल है सभी की जड़े झूठ की बुनियाद पर टिकी है ! हर महीने इन कम्पाउंडरों की वजह से दर्जनों महिला का मौत हो जाता है लेकिन लचर कानून व्यवस्था के कारण ये हर बार बच निकलते है !

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